Teachers Day Speech In Hindi शिक्षक दिवस पर भाषण

इस आर्टिकल के माध्यम से आप जानेंगे कि शिक्षक दिवस यानी कि टीचर्स डे पर भाषण कैसे दें |छोटी व बड़ी कई स्पीच आपके लिए लिखी गयी है जो आपको अच्छी लगे आप अपने स्कूल के टीचर्स डे पर भाषण के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं |Teacher’s Day Speech in Hindi|

1. टीचर डे स्पीच (Teachers Day Speech)

उपस्थित प्रधानाचार्य जी, उप-प्रधानाचार्य जी, सभी अध्यापक गण और मेरे सह पाठियों को मेरा प्रणाम | मेरा नाम …..है | मैं ….कक्षा में पढ़ती हूँ |आज हम सब यहाँ पर शिक्षक दिवस मानाने के लिए एकत्रित हुए हैं |आज इस दिन के माध्यम से मैं आप सभी को कुछ ऐसी बातें बताना चाहती हूँ जो पिछले 12 सालों में मैंने इस स्कूल में महसूस की हैं |

हमेशा माँ के पल्लू से बंधे एहने वाले बच्चे को जब नर्सरी क्लास मैं बैठाया जाता है उस दिन वह बच्चा बहुत रोता है | पर धीरे धीरे उसे अपनी टीचर में माँ का रूप दिखाई देने लगता है -एक ऐसी माँ जो कभी प्यार तो कभी गुस्से से सारे विश्व का ज्ञान उस बच्चे को देती है | एक टीचर अपना सर्वस्व अपने स्टूडेंट्स पर लुटाने के लिए हम से पहले स्कूल पहुँच जाती है और जब पूरा विद्यालय खाली हो जाता है तब वे अपनी घर जाती हैं |

हमारे अध्यापक ही हैं जो हमे A फॉर Adjust सिखाते हैं तो B फॉर Bold भी बताते हैं |कक्षा में 5 मिनट भी देर से आने पर हमे बाहर भगाते हैं ताकि हम समय का पालन करना सीख जाएँ | हमारी कापियां जितनी साफ़ होंगी उतने ही अधिक नंबर होंगे क्योंकि स्वच्छता का पाठ जो पढ़ाना है |हमारा सिलेबस समय पर पूरा हो सके इसलिए अध्यापक बुखार में भी स्कूल आते हैं |हमारी परीक्षाओं के नतीजों की चिंता हमारे माता पिता से भी ज्यादा हमारे टीचर्स को होती है | हमारी ज़िन्दगी में ऐसे गुरु ना होते तो सभी बच्चे माँ-बाप के लाड प्यार में बिगड़कर कुछ ना सीख पाते |

मैं अपने स्कूल के सभी सभी शिक्षकों का धन्यवाद करती हूँ|गुरु की महिमा का गुणगान करने के लिए इस दोहे से ज्यादा मैं और कुछ नहीं कह सकती |

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।

2. शिक्षक दिवस पर भाषण हिन्दी में

आदरणीय गुरु जनों और मेरे प्रिय साथियों को मेरा सादर नमस्कार! सुप्रभात

आज हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है| हम सभी टीचर्स डे मनाने के लिये यहाँ एकत्रित हुए हैं । मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ कि आज मुझे अपने गुरु जनों के सम्मान में दो शब्द बोलने का मौका मिला|

शिक्षक दिवस डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को मनाया जाता हैं। भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जब 1962 में भारत के राष्ट्रपति बने, तब उनके कुछ शिष्य और मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी | उनका जन्मदिन 5 सितंबर को होता था | उन्होंने बहुत ही विनम्रता से जवाब दिया की उनका जन्मदिन मनाने की बजाय यदि इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो उन्हें अधिक खुशी होगी | तभी से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है |

एक व्यक्ति की शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसके पास ज्ञान देने वाले अच्छे गुरु हों |शिक्षक ज्ञान का अनमोल भण्डार होते हैं, जो विद्यार्थी अपने टीचर्स का आदर करते हैं और कुछ सीखने की चाह रखते हैं केवल वे ही इस भण्डार से कीमती रतन निकाल पाने में समर्थ होते हैं | और जो बच्चे अपने गुरुओं का तिरस्कार करते हैं वे कभी भी इस ज्ञान के भण्डार के अन्दर दाखिल ही नहीं हो पाते |

भारत के इतिहास में कई ऐसे शिक्षक और शिष्य के उदहारण हैं जिन्होंने असंभव दिखने वाले कार्यों को भी कर दिखाया | चन्द्रगुप्त के महान शिक्षक चाणक्य ने कहा है –

“एक सरल नियम है चन्द्रगुप्त इससे पहले की समस्या तुम्हें समाप्त करे, तुम समस्या का समूल नाश कर दो”, चणि पुत्र चाणक्य

आचार्य चाणक्य ने चन्द्रगुप्त को समझाया कि परिश्रम वह चाबी है जो सफलता के द्वार खोल देती है|आचार्य की कूट नीति का पालन कर एक आम आदमी के रूप में जन्म लेकर भी चन्द्रगुप्त एक महान राजा बन गया |

भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम एक महान शिक्षक और साइंटिस्ट थे | इन्हें मिसाइलमैन ऑफ़ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है |इनका मानना था कि किसी बच्चे के व्यक्तिगत विकास के लिए पढ़ाई बहुत ज़रूरी है |वे जब पढ़ाते थे तो पूरी क्लास मंत्रमुग्ध होकर उन्हें सुनती थी |उन्होंने अपने शिष्यों को समझाया कि केवल डिग्री हासिल करना ही शिक्षा नहीं है, बच्चों को अपनी क्षमता और प्रतिभा का विकास करना चाहिए|

हमारे जीवन में आये अच्छे बदलाव के लिए मैं अपने सभी अध्यापकों को धन्यवाद देता हूँ |आशा करता हूँ कि आपके बताये हुए रास्ते पर चलकर हम सभी जीवन में सफल होंगे और एक बेहतर नागरिक बनकर अपने देश और अध्यापकों का नाम रोशन करेंगे | धन्यवाद |

टीचर्स डे स्पीच इन हिंदी (Teacher’s Day Speech)

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