प्लास्टिक को ना कहो; ‘Plastic ko na kaho’

Hindi Essay on Say no to Plastic, प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध लिखो

अन्य शीर्षक: प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध, हर तरफ प्लास्टिक है, हर तरफ खतरा है, प्लास्टिक की समस्या का समाधान, प्लास्टिक का उपयोग बंद करें, प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से प्रदूषित हो रहा पर्यावरण, प्लास्टिक बैग के नुकसान, प्लास्टिक के विकल्प,

रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में प्लास्टिक का महत्त्व

आज, हम एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। हमारे लिए सब कुछ आसानी से उपलब्ध है। एक नाम जिसने इस उपलब्धता को संभव बनाया है उसे किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। प्लास्टिक ने हमारे जीवन को बहुत आसान बना दिया है। प्लास्टिक हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है जो किराने की थैलियों, शैम्पू की बोतलों, मॉइस्चराइज़र ट्यूबों, चिप्स और बिस्किट पैकेजिंग, दवाई की बोतलों, चाबी के छल्ले, जूते और चप्पलों और यहां तक ​​कि कपड़ों में भी प्रयोग होता है। लेकिन, यह विशेष रूप से पैकेजिंग उद्योग के लिए एक वरदान है।

प्लास्टिक का इतना अधिक उपयोग क्यों किया जाता है?

प्लास्टिक की किसी भी आकार में ढलने की अद्भुत क्षमता के कारण हर उद्योग में इस की मांग की जाती है।   प्लास्टिक के दानों  को एक निश्चित तापमान तक गर्म करने के बाद यह आवश्यक वस्तु का आकार ले सकता है। प्लास्टिक के इतना अधिक लोकप्रिय होने का कारण इसकी खूबियाँ हैं। पहली बात, इस पर जंग, नमी और कीटों का कोई प्रभाव नहीं होता। दूसरी बात, यह अधिक से अधिक भार उठाने में सक्षम है।
चम्मच से लेकर पनडुब्बियों तक के बनने में किसी न किसी रूप में प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है।

प्लास्टिक के फायदे (Advantages of plastic in Hindi)

  • नाज़ुक वस्तुओं को नमी, सूक्ष्मजीवों, जानवरों और धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है।
  • लंबी अवधि के लिए उत्पादों को संरक्षित करता है।
  • दूध और पेय पदार्थों जैसे तरल उत्पादों को बह कर हो सकने वाले नुक्सान से बचाता है।
  • गैर स्थानीय उत्पादों को हर जगह आसानी से उपलब्ध कराया जाता है।
  • यह वज़न में हल्का होने के बावजूद भी मजबूती में लकड़ी और लोहे से कम नहीं है।
  • हल्का होने की वजह से परिवहन में मदद मिलती है।
  • इसने लकड़ी और चमड़े की खपत को कम कर दिया है।

प्लास्टिक प्रदूषण क्या है? (What is plastic pollution in Hindi?)

जैसा कि कहा जाता है कि “हर सिक्के के दो पहलू होते हैं”। एक ओर तो इसके इतने लाभ हैं, दूसरी तरफ प्लास्टिक मनुष्य के लिए एक बड़ी समस्या है। प्लास्टिक ने कुछ समय के लिए तो मानव के कामों को आरामदायक  बना दिया है। लेकिन, वास्तविक समस्या तब शुरू होती है जब इसका उपयोग समय समाप्त हो जाता है, अर्थात, प्लास्टिक से बने सामानों के अपशिष्ट पदार्थों से छुटकारा पाने की समस्या। इस कचरे के सड़ने के कारण जल, धरती, वायु, इंसान और जानवरों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है | जिसे प्लास्टिक प्रदूषण कहा जाता है |

प्लास्टिक सड़ता नहीं है

इसका क्या मतलब है ? इसका मतलब यह है कि जब हम फलों और सब्जियों के कचरे को फेंकते हैं तो सूक्ष्मजीवों द्वारा उन्हें खाया जाता है और  छोटे कणों में तोड़ दिया जाता है और अवशेष मिट्टी में मिल जाते हैं। लेकिन सूक्ष्मजीव प्लास्टिक को  कुतर नहीं सकते। इसलिए प्लास्टिक का कचरा सैकड़ों सालों तक पर्यावरण में पड़ा रहता है।

प्लास्टिक बैग के नुकसान (Disadvantages of plastic bag)

  • पहला ,पॉलीथिन की थैलियां उड़कर जगह-जगह सड़कों पर और गलियों में फैल कर नगर की सुन्दरता को ख़राब करती हैं ।
  • दूसरा, यह नालियों में अटककर उनका बहाव रोक देती हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
  • तीसरा, पानी में मिलकर ये प्लास्टिक की थैलियाँ भूमिगत जल को भी ज़हरीला बना देती हैं
  • इसके अलावा कभी- कभी जानवर प्लास्टिक की थैलियों समेत खाना निगल जाते हैं, जो उनके  जीवन के लिए बहुत घातक  हो सकता है।
  • अंत में, जहरीले रसायन प्लास्टिक के द्वारा हमारे भोजन में शामिल होकर हमारे रक्त और ऊतकों तक पहुँच जाते हैं और विभिन्न बीमारियों का कारण बनते हैं।

डिस्पोजेबल प्लास्टिक को निषेध किया जाए

केवल एक बार उपयोग करके फेंकने लायक कचरे की विशाल मात्रा दुनिया के लिए सबसे बड़ी समस्या है।
डिस्पोजेबल पानी की बोतलें समुद्री प्रदूषण का मुख्य कारण हैं। इसने समुद्री जानवरों के अस्तित्व पर एक प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
इन समस्याओं के कारण सभी देशों की सरकारें प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के विचार की वकालत कर रही हैं।
क्या प्लास्टिक मुक्त दुनिया का यह सपना व्यावहारिक रूप से संभव है? आदर्श अव्यावहारिक नहीं होने चाहियें। क्या हम पूरी तरह से प्लास्टिक रहित जीवन की कल्पना कर सकते हैं?

प्लास्टिक के बिना जीवन (Life without plastic in Hindi)

पैकेजिंग खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के जीवन  को बढ़ा कर बहुत सारे भोजन को बेकार जाने से बचाती है।
इसके बंद हो जाने से इंसान की दिनचर्या की शरुआत करने वाले बहुत से उत्पाद उसे उपलब्ध नहीं हो पायेंगे ।
डिजिटल दुनिया का अंत हो जाएगा क्योंकि हमारे स्मार्ट फोन, टैब और लैपटॉप इत्यादि में प्लास्टिक के  घटकों का बड़ी मात्रा में उपयोग होता है।
हम इस हद तक प्लास्टिक के आदी हो चुके हैं कि हम अपने जीवन से प्लास्टिक को पूर्णतया नहीं हटा सकते । इसलिए हमे प्लास्टिक के कूड़े के  निपटारे के लिए कुछ सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है।

5 R सिद्धांत का पालन करें (Principles of Waste-Management in Hindi)

  1. कम करना                                           ( Reduce)
  2. मना करना                                          ( Refuse)
  3. पुनः प्रयोग करना                                  ( Reuse)
  4. पुनरुद्देषित                                       ( Repurpose)
  5. प्रयोग की गयी वस्तु का पुनः उपयोगी बनाना ( Recycle)

प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के उपाय (How to reduce Plastic Pollution in Hindi)

कम करना – Reduce

बिना ज़रुरत के थैली का इस्तेमाल बंद करें।
खाना बर्बाद मत करो । स्वाभाविक रूप से सड़नशील होने के कारण जैव प्लास्टिक का प्रयोग उपयुक्त है।

मना करना – Refuse

पॉलिथीन की थैलियों और डिस्पोजेबल प्लास्टिक उत्पादों को ना कहने की आदत डालें
दुकानदारों को ऐसे उत्पादों के साथ पॉलिथीन की थैली नहीं देनी चाहिए जो पहले से ही प्लास्टिक की पैकेजिंग में पैक हैं। जैसे ब्रेड और दूध

पुन: उपयोग – Reuse

फेंकने से पहले कई बार किराने की थैलियों का उपयोग करें।
जल शीतक (water cooler) से पानी भरने के लिए बार-बार एक ही प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करें।

पुनरुद्देषित – Repurpose

इसका मतलब है कि प्लास्टिक के कचरे को उनके मुख्य उपयोग से अलग किसी और तरह से इस्तेमाल करना ; उदाहरण के लिए समुद्री कूड़े से सुंदर चित्र और आकृति बनाना।

पुनर्चक्रण – Recycle

इस भाग को पिछले 4 के लागू होने के बाद ही लागू किया जाना चाहिए क्योंकि दोबारा इस्तेमाल में लाये जाने योग्य अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए धन और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जिसे बचाना हमारा कर्त्तव्य है।
व्यक्तिगत स्तर पर एक छोटा सा कदम भी एक बड़ा अंतर ला सकता है। इसलिए, पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को कुछ योगदान जोड़ने का प्रयास करना चाहिए, जैसा कि निम्नलिखित लोगों ने किया है ।

प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिये प्रयास– कचरा निपटाने के लिए पहल करने वाले लोग और संस्थाएं:

पेप्सिको इंडिया ने Exnora (एक पर्यावरण एनजीओ) की साझेदारी में ३५००० टन कचरे को जैविक खाद में बदला है, जो अन्यथा लैंडफिल में स्थानांतरित हो गया होता।

हिमालय बचाओ अभियान: भारतीय पर्यावरण सोसायटी द्वारा हिमालय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और रखरखाव के लिए एक पहल है।

एडिडास (Adidas) जो जूते निर्माण में एक प्रमुख नाम है, पार्ले की मदद से महासागरों से अपशिष्टों का संग्रह और पुनर्चक्रण करके जूते और कपड़े बना रहा हैं। इस तरह एडिडास स्थायी भविष्य बनाने की कोशिश कर रहा है।

2003 से, जापान का एक छोटा शहर, कामिकत्सु (Kamikatsu) शून्य कचरा (zero waste) समुदाय बनने के लिए प्रयास कर रहा है। वे अपने फेंके हुए कचरे को पुनर्चक्रित कर रहे हैं और लक्ष्य के काफी करीब हैं। 2015 तक, उनका केवल 20% कचरा उनके स्थानीय लैंडफिल में जा रहा था।

हम अलग-अलग भूमि पर रहते हैं, लेकिन हम एक ही ग्रह को साझा करते हैं। अतः, इस समस्या से लड़ने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। हमारा कर्तव्य है कि इसे प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त कराएँ।

शब्द-अर्थ

शब्द अर्थ
रोज़मर्रा रोज़ की ज़िन्दगी
अद्भुत अनोखा,अलग
पनडुब्बी पानी के अंदर डूबकर चलने वाली एक प्रकार की नाव (Submarine)
सूक्ष्मजीव ऐसे जीव जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता (Micro-organisms)
अपशिष्ट कचरा, कूड़ा
पारिस्थितिकी तंत्र एक दिए गए क्षेत्र में रहने वाली सभी वस्तुएं (पौधे, जानवर और जीव) Ecosystem
स्थानांतरित एक जगह से दूसरी जगह भेजना

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