भारत चीन सीमा मुद्दा क्या है

इस लेख के माध्यम से ‘भारत चीन सीमा मुद्दा क्या है‘ को सरल शब्दों में बताने की कोशिश की गयी है | What is India-China Dispute 2020? बच्चों को समझ नहीं आ रहा होगा कि भारत और चीन की लड़ाई क्यों हो रही है, LAC क्या है, गलवान घाटी में क्या हुआ ? इन सभी सवालों का जवाब आपको इस लेख में मिल जाएगा |

भारत चीन सीमा विवाद क्या है – चीन और भारत एशिया महाद्वीप के दो पड़ोसी देश हैं।

भारत -138 करोड़ की आबादी वाला विकासशील देश भारत है जो की विभिन्नता में एकता के लिए जाना जाता है | भारत में कई तरह के धर्म और त्योहार प्रचलित हैं |
भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण पैदा होती बेरोजगारी और गरीबी भारत के विकास में रुकावट है


आइए चीन के बारे में जानते हैं | भारत के पूर्व में स्थित देश जो कि भारत से क्षेत्रफल में 3 गुना अधिक है उसका नाम है; चीन या चाइना (China) | कुछ दशकों पहले चीन केवल अपनी जनसंख्या के लिए जाना जाता था |चीन की जनसंख्या विश्व में सबसे ज्यादा थी | लेकिन 1980 में जब चीन में ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ लागू की गयी, उसके बाद से चीन का जनसंख्या विस्फोट कुछ रुक गया है | चीन की जनसंख्या अब इतनी तेजी से नहीं बढ़ रही | हालांकि, 2015 में वन चाइल्ड पॉलिसी को खत्म कर दिया गया |ताकि जनसंख्या में आदमी और औरतों की संख्या में एक समानता हो सके |

भारत-चीन सीमा रेखा (LAC क्या है)

भारत और चीन में साल 2020 में किस बात पर लड़ाई हो रही है ? भारत और चीन के बीच विवाद का मुख्य कारण है कॉमन बाउंड्री या सीमा लाइन | दोनों देशों को बांटने वाली इस लाइन को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC- Line of Actual Control) कहा जाता है | भारत के कुछ राज्यों की सीमा चीन की सीमा से मिलती है | भारत चीन के साथ 3488 किमी की सीमा साझा करता है जो जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के साथ चलती है।

भारत-चीन बॉर्डर लाइन 3 भागों में बंटी हुई है –

  1. पश्चिमी सेक्टर जो की जम्मू-कश्मीर से लगता है
  2. मिडिल सेक्टर जो की हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लगता है
  3. पूर्वी सेक्टर जो की सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से लगता है

इन तीन भागों में स्थित कुछ इलाक़ों को लेकर दोनों के बीच सीमा विवाद है | भारत पश्चिमी भाग में अक्साई चीन पर अपना दावा करता है, जो अभी चीन के नियंत्रण में है | भारत के साथ 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने इस पूरे इलाक़े पर जीत हासिल कर अपना कब्ज़ा कर लिया था |

पूर्वी भाग में चीन, अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है जो की अभी भारत के पास है | दोनों देश अपनी अलग-अलग सीमा रेखा (LAC) बताते हैं | इन विवादों की वजह से दोनों देशों के बीच अभी तक एक ऐसी लाइन निर्धारित नहीं हो पायी जो की दोनों को मान्य हो |

सीमा मतभेद क्या होता है ? इसे ऐसे समझिये कि आपके दो बच्चे हैं | दोनों एक ही पलंग (BED) पर सोते हैं | कभी ना कभी उनके बीच में इस बात को लेकर लड़ाई जरूर हुई होगी कि पहला बच्चा दूसरे बच्चे के क्षेत्र (area) में घुस रहा है या, भाई ने मेरी तरफ अपना सामान रख दिया या बहन ने मेरे बेड पर अपना पैर रख दिया |

और ऐसे ही विवाद देशों की कॉमन बाउंड्री को लेकर भी होते हैं | शायद मैं आपको समझाने में सफल हुई | अगर नहीं, तो आगे भारत चीन सीमा मुद्दा को और विस्तार में बताया गया है | पढना ज़ारी रखिये |

भारत-चीन के बीच 2020 के झगड़े का क्या कारण है ?

नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ को लेकर भारत और चाइना में मतभेद ऐतिहासिक तौर पर चलते आ रहे हैं | पहले 1960 में भी चीन से इसी प्रकार का मतभेद हुआ था | जिसके फलस्वरूप 1962 में चीन और भारत का युद्ध भी हो चुका है | जिसमे चीन की जीत हुई थी और चीन ने अक्साई चीन पर अपना कब्ज़ा कर लिया था |

भारत-चीन युद्ध, ये लड़ाई क़रीब एक महीने चली थी -1962

नाथु ला में चीन और भारत के कई सैनिक मारे गए -1967

भारतीय सैनिकों पर अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर चीनी सेना ने हमला किया -1975

 2020 का भारत चीन सीमा मुद्दा क्या है ? असल में लड़ाई किस बात पर है-

विशेषज्ञों के अनुसार शायद नीचे लिखे बातें इस लड़ाई का कारण हो सकती हैं –

पिछले पाँच सालों से भारतीय सीमाओं का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है | जिसके कारण चाइना बौखला रहा है | जबकि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी गतिविधियों पिछले कुछ सालों से बढ़ती जा रही थी | चीन ने तो एलएसी पर गैर कानूनी पुल और हवाई पट्टियों का निर्माण भी कर लिया | जिसकी वजह से भारत को सैनिक गश्तें बढ़ानी पड़ी और निर्माण कार्य भी चालू करना पड़ा | गलवान घाटी में दोनों देशों के ज्यादा सैनिक आवा-जाही की वजह से आपस में बहस हुई |

गलवान घाटी पर हमेशा ही तनाव की स्थिति बनी रहती है | गलवान घाटी विवादित क्षेत्र अक्साई में स्थित है | अक्साई भारत और चीन की सीमा में स्थित एक स्थान है जिस पर दोनों ही देशों का समान रूप से दावा है | भारत की ओर से भी निर्माण कार्य शुरू किये जाने पर चाइना से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने विवाद खड़ा कर दिया | बातचीत ने लड़ाई का रूप ले लिया और दोनों तरफ के कई सैनिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा |

भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 को धारा 370 लगाकर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया | चीन ने भारत सरकार के इस फ़ैसले का विरोध किया था विशेष तौर पर लद्दाख क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का | चीनी इस बात से चिंतित है कि इंडिया ने लद्दाख के उस एरिया को अपने नक़्शे में शामिल किया है जिस पर चीन का अधिकार है |

भारत की विदेश नीति में किये गए बदलाव भी इंडिया-चाइना झगडे का एक कारण हो सकती है –

  • इसी साल 17 अप्रैल को केंद्र सरकार ने देश में होने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफ़डीआई के नियमों को उन पड़ोसियों के लिए और सख़्त कर दिया है
  • अब किसी भी भारतीय कंपनी में हिस्सा लेने से पहले सरकारी अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है | जिसका सबसे ज्यादा असर चीन पर पड़ेगा |

इन छोटी-छोटी बातों ने एक बड़े मुद्दे का रूप ले लिया और दोनों ओर के सैनिक अपनी जान से हाथ धो बैठे | सीमा के दोनों और के सैनिक एक दुसरे को दुश्मन कहते हैं | पर क्या दुश्मन को ख़त्म करने से समस्या हल हो जायेगी ? शायद नहीं | क्या हम सभी देश मिलकर दुश्मन की बजाय दुश्मनी को हमेशा के लिए ख़त्म नहीं कर सकते ?

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